नवरात्रि के दूसरे दिन ज्ञान और लंबी उम्र के लिए करें माँ ब्रम्हचारिणी की उपासना

आज नवरात्रि का दूसरा दिन है. नवरात्रि के दूसरे दिन माँ भगवती के ब्रम्हचारिणी स्वरूप की आराधना की जाती है. कठोर तप और ब्रम्ह की आराधना में रत रहने के कारण माता का नाम ब्रम्हचारिणी पड़ा. इन्हें ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है.

कैसा है स्वरूप ?

माँ ब्रम्हचारिणी का स्वरूप दिव्य, सौम्य और क्रोध रहित है. श्वेत वस्त्र धारण करती हैं. उनके एक हाँथ में अष्टदल की माला और दूसरे में कमंडल सुशोभित होता है.

पूजा विधि          

साधक को पूजा के पूर्व पीले या सफेद वस्त्र धारण करना चाहिए. प्रसाद में शक्कर, मिश्री, पंचामृत आदि का अर्पण करें. माँ ब्रम्हचारिणी की आराधना में ‘ॐ ऐं नमः’ मंत्र द्वारा की जाती है. चांदी की वस्तुओं का अर्पण भी किया जा सकता है.

फल

माँ ब्रम्हचारिणी की आराधना से ज्ञान और लंबे उम्र की प्राप्ति होती है.

 

By Pankaj Kumar