सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 481वीं पुण्यतिथि आज

सिख धर्म विश्व  के सबसे नए धर्मों में से एक है. इस धर्म की स्थापना गुरु नानक देव ने की थी.  गुरु नानक को हिंदी ,संस्कृत और फ़ारसी भाषा का अच्छा ज्ञान था। गुरु नानक एक सूफी कवि भी थे. सिख धर्म एकेश्वरवादी धर्म है. अक्सर ऐसा कहा और माना जाता है कि सिख धर्म का उदय इस्लाम के एकेश्वरवाद के प्रभाव में हुआ. हालांकि यह भी एक तथ्य है कि इस्लाम के आने से पहले भी भारत में एकेश्वरवाद या सिर्फ एक ही ईश्वर को मानने वाले कई धर्मों जैसे बौद्ध और जैन धर्मों का उदय हुआ था.

सिख धर्म की स्थापना करने वाले गुरु नानक देव की मृत्यु 22 सितंबर, 1539 को हुई थी।  गुरु नानक सिख धर्म के पहले गुरु भी माने जाते हैं। उन्होंने अपने धार्मिक और सामाजिक उपदेशों के जरिए समाज को एकता और प्यार-प्रेम का पाठ पढ़ाया। आज गुरु नानक की 481वीं पुण्यतिथि है।

बता दे कि गुरु नानक ने मक्का मदीना की यात्रा की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने इस्लाम  धर्म के अनुयाइयों को बड़ी शिक्षा दी थी।  गुरु नानक ने अपने शिष्य मरदाना के साथ करीब 28 सालो में दो  उपमहाद्वीपों में पांच प्रमुख यात्राएं की थी।,जिन्हे उदासी कहा जाता है। 28 हजार  किलोमीटर लंबी यात्राओं में गुरु नानक ने करीब 60 शहरों की यात्रा की थी। अपनी चौथी उदासी में गुरु नानक ने मक्का की भी यात्रा की। उन्होंने हाजी का भेष लेकर अपने शिष्यों के साथ मक्का पहुंच गए। कई हिन्दू ,जैन और बौद्ध धर्म के कई तीर्थस्थलों की यात्रा करने के बाद गुरु नानक ने मक्का की यात्रा की थी।  गुरु नानक की इस यात्रा का जिक्र कई ग्रंथो और ऐतहासिक किताबों में अंकित है।

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