कैसे रोग कटें, कैसे सुख मिले ?

हर रोज एक लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें काले तिल डाल दें। अब इस जल को शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र जप करते हुए चढ़ाएं । जल पतली धार से चढ़ाएं और मंत्र का जप करते रहें । जल चढ़ाने के बाद फूल और बिल्व पत्र चढ़ाएं । इससे शनि के दोष तो शांत होंगे ही पुराने समय से चली आ रही बीमारियां भी दूर हो सकती हैं। दूसरा उपाय यह है कि शनिवार को यह उपय करें । जौ का 125 पाव (सवा पाव) आटा लें । उसमें साबुत काले तिल मिलाकर रोटी बनाएं । अच्छी तरह सेंके जिससे वे कच्ची न रहें फिर उस पर थोड़ा-सा तिल्ली का तेल और गुड़ डाल कर पेड़ा बनाएं और एक तरफ लगा दें फिर उस रोटी को बीमार व्यक्ति के ऊपर से 7 बार वार कर किसी भैंसे को खिला दें । पीछे मुड़ कर न देखें और न कोई आवाज लगाए । भैंसा कहां मिलेगा, इसका पता पहले ही मालूम करके रखें। भैंस को रोटी नहीं खिलानी है।

By News Room