राहु-केतु और शनि से मुक्ति के लिए क्या करें

कुंडली में शनि के दोष हों या शनि की साढ़ेसाती या ढय्या चल रही हो तो प्रत्येक शनिवार को बहते जल की नदी में काले तिल प्रवाहित करने चाहिएं । इस उपाय से शनि के दोषों की शांति होती है । आप काले तिल भी दान कर सकते हैं । इससे राहु-केतु और शनि के बुरे प्रभाव समाप्त हो जाते हैं । इसके अलावा कालसर्प योग, साढ़ेसाती,  ढय्या, पितृदोष आदि में भी यह उपाय कारगर है ।

By News Room