मां ब्रह्मचारिणी की कैसे करे उपासना

      

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन यानि आज मां ब्रह्मचारिणी की उपासना की जाएगी. इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएं हाथ में कमंडल रहता है . इस कारण इन्हें ब्रह्मचारिणी नाम से जाना जाता है. अपने पूर्व जन्म में जब ये हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न हुई थीं तब नारद के उपदेश से मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी. इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपसचारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम ने जाना गया.

कैसे करें मां ब्रह्मचारिणी की आराधना

 मां ब्रह्मचारिणी की उपासना के समय पीले अधवा सफ़ेद वस्त्र धारण करें देवी को सफेद वस्तुएं अर्पित करें .जैसे –मिसरी, शक्कर और पंचामृत से स्नान कराएं, फिर अलग -अलग तरह के फूल , अक्षत, कुमकुम ,सिंदूर अर्पित करें . देवी को सफ़ेद और सुगंधित फूल चढ़ाएं. इसके अलावा मां को कमल या गुड़हल का फूल भी देवी चढ़ाएं. आरती करें एवं हाथों में एक फूल लेकर ध्यान करें. मां ब्रह्मचारिणी के लिए “ॐ ऐं नम:” का जाप करें.

भगवती ब्रह्मचारिणी की उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है.

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