षटतिला एकादशी के दिन भक्तिभाव से करें भगवान विष्णु की आराधना

7 फरवरी को माघ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. इस तिथि को षटतिला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. पुराणों के अनुसार इस एकादशी के दिन पूर्ण भक्तिभाव से भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है. महाभारत में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन और युधिष्ठिर को षटतिला एकादशी के माहात्म्य के बारे में बताया था.

षटतिला एकादशी माघ मास की प्रथम एकादशी होती है. षटतिला एकादशी में तिल की पूजा का महत्व है. इस तिथि में 6 प्रकार की तिलों का प्रयोग शुभ माना जाता है वहीं तिल से निर्मित वस्तुओं के उपयोग को भी काफी लाभकारी माना गया है.

पूजा विधि

प्रातः स्नान के बाद विधि पूर्वक पूजन आरंभ करें. भगवान विष्णु को पीली वस्तुएं अत्यधिक पसंद हैं. इसलिए पूजन सामग्री में पीली वस्तुओं जैसे पीले फूल, कपड़े, मिष्टान आदि को सम्मिलित करें. रात्रि काल में भी भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए. प्रातः स्नान के बाद पूजन और फिर दान पुण्य के बाद ही आहार ग्रहण करना चाहिए.

  

By Pankaj Kumar