मार्गशीष महीने के स्वामी हैं श्रीकृष्ण, निश्चल भक्ति आपके सारे मनोकामनाओं को पूर्ण कर सकती है.

भगवान श्री कृष्ण एक ऐसे देवता हैं जिनकी उनके भक्त न सिर्फ आराधना करते हैं बल्कि उनसे एक मित्र की तरह प्रेम भी करते हैं. ऐसा माना जाता है कि यह महीना कृष्ण को बहुत प्रिय है. इसलिए इस महीने को श्री कृष्ण का महीना भी माना जाता है. मार्गशीष के महीने में कृष्ण की विशेष रूप से आराधना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.

कृष्ण को कैसे करें प्रसन्न  

मार्गशीर्ष के महीने में भगवान कृष्ण के श्रीमुख से निकले भगवत गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए. इससे कृष्ण प्रसन्न होते हैं. भागवत गीता के पाठ के अलावा सुबह शाम ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र से श्री कृष्ण का ध्यान करना चाहिए. भगवान को तुलसी अत्यधिक प्रिय है इसलिए भोग लगाते समय प्रसाद के साथ तुलसी की पत्ती अवश्य चढ़ाएं. श्री कृष्ण के जीवन से जुड़ी कथाओं का रसास्वादन करें और ज्यादा से ज्यादा समय कृष्ण का भजन करते हुए बिताएं.

अगर पूरे मनोयोग, शुद्धता और निष्ठा के साथ मार्गशीष महीने में देवकी नंदन श्री कृष्ण की आराधना की जाए तो प्रभु भक्त की सारी इच्छाएं पूरी करते हैं. आप इस बात को समझिए की ईश्वर आपके मन की सारी बातें जानते हैं अगर आपकी श्रद्धा और आराधना ने ईश्वर को प्रसन्न कर लिया फिर आपको मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सुदामा इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं जिनको बिना मांगे ही कृष्ण ने धन कुबेर बना दिया था. इसलिए आप भी अपने आप को आज ही कृष्ण भक्ति में लीन कर लें.  


 

By Pankaj Kumar